पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की प्रचंड जीत के बाद अब नई सरकार के गठन की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। राज्य के पहले भाजपा मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण समारोह 9 मई को कोलकाता के ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित किया जाएगा। इस तारीख का चयन विशेष रूप से गुरुदेव रबींद्रनाथ टैगोर की जयंती (पच्चीसे बैसाख) के अवसर पर किया गया है, ताकि नई सरकार के गठन को राज्य की सांस्कृतिक विरासत के साथ जोड़ा जा सके।

विधायक दल की बैठक और पर्यवेक्षक
सरकार गठन की प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने के लिए भाजपा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को मुख्य पर्यवेक्षक और ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी को सह-पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। अमित शाह गुरुवार को कोलकाता पहुँचेंगे, जिसके बाद 8 मई को दोपहर 3 बजे भाजपा विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक होगी। इस बैठक में नवनिर्वाचित 207 विधायक अपने नेता का चुनाव करेंगे, जो राज्य के अगले मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे।

कौन होगा नया मुख्यमंत्री?
मुख्यमंत्री के नाम को लेकर सस्पेंस बरकरार है, लेकिन अमित शाह के पिछले बयानों ने कुछ संकेत जरूर दिए हैं। शाह ने स्पष्ट किया था कि बंगाल का मुख्यमंत्री ‘भूमिपुत्र’ (लोकल) होगा और जो बंगाली भाषा बोलता हो। वर्तमान में कुछ प्रमुख नाम चर्चा के केंद्र में हैं:
शुभेंदु अधिकारी: ममता बनर्जी को भवानीपुर में हराने के बाद उनका कद काफी बढ़ा है।
डॉ. सुकांत मजूमदार: पार्टी के संगठनात्मक ढांचे में उनकी गहरी पकड़ है।
दिलीप घोष: पार्टी को जमीन पर मजबूत करने वाले पुराने और कद्दावर नेता।
शमिक भट्टाचार्य: सौम्य छवि और बंगाली समाज में पैठ रखने वाले नेता।
संवैधानिक प्रक्रिया और सुरक्षा
चुनाव आयोग ने नई विधानसभा के गठन की अधिसूचना पहले ही राज्यपाल को भेज दी है। हालांकि, राज्य के कुछ हिस्सों में चुनावी हिंसा की खबरें भी आ रही हैं, जिस पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और सुरक्षा एजेंसियां कड़ी नजर रख रही हैं। शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों के शामिल होने की उम्मीद है, जिसके लिए कोलकाता में सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए जा रहे हैं।
