टी20 वर्ल्ड कप 2026 की उलटी गिनती शुरू होते ही भारतीय क्रिकेट के सबसे सफल कप्तानों में शामिल रोहित शर्मा की बातें एक बार फिर चर्चा में हैं। 2024 में भारत को खिताब दिलाने वाले रोहित ने इस बार मैदान से दूर रहकर भी टीम इंडिया को जीत का फॉर्मूला सौंपा है। उनका मानना है कि बड़े टूर्नामेंट सिर्फ स्किल से नहीं, बल्कि सही मानसिक संतुलन और टीम के माहौल से जीते जाते हैं।

एक बातचीत के दौरान रोहित ने कहा कि खिलाड़ियों को टूर्नामेंट के दौरान खुद को बाहरी दबाव से बचाना बेहद जरूरी है। उन्होंने इशारों में साफ किया कि सोशल मीडिया और अनावश्यक प्रतिक्रियाएं खिलाड़ियों का फोकस भटका सकती हैं। रोहित के मुताबिक, जब खिलाड़ी अपने खेल और टीम के साथ बिताए पलों पर ध्यान देते हैं, तब प्रदर्शन अपने आप बेहतर होता है। उन्होंने यह भी माना कि इस तरह की आदतें किसी पर थोपी नहीं जानी चाहिए, बल्कि हर खिलाड़ी को खुद समझना चाहिए कि उसके लिए क्या सही है।

रोहित ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि बड़े टूर्नामेंट में ड्रेसिंग रूम का माहौल जितना हल्का और सकारात्मक होता है, उतना ही असर मैदान पर दिखता है। साथ में समय बिताना, छोटी-छोटी गतिविधियों में हिस्सा लेना और एक-दूसरे के साथ खुलकर हंसना टीम को मानसिक रूप से मजबूत बनाता है। यही कारण है कि पिछले वर्ल्ड कप में भारतीय टीम लगातार दबाव के बावजूद आत्मविश्वास से भरी नजर आई थी।
टीम इंडिया इस बार नए कप्तान सूर्यकुमार यादव की अगुवाई में खिताब बचाने उतरेगी, लेकिन रोहित का यह मंत्र खिलाड़ियों के लिए किसी विरासत से कम नहीं है। क्रिकेट जानकारों का मानना है कि अगर टीम ने इस सलाह को अपनाया, तो भारत लगातार दूसरी बार टी20 वर्ल्ड कप जीतने का मजबूत दावेदार बन सकता है।
