BJP के सबसे युवा राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष के रुप में नितिन नवीन का चयन हुआ है. दूर-दूर तक जिनके नाम की चर्चा नहीं थी, वे BJP के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाए गए. पार्टी के संसदीय बोर्ड ने उनकी नियुक्ति की. इसके बाद नितिन नवीन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बधाई संदेश ने BJP के भीतर एक बड़े बदलाव का संदेश भी दे दिया. PM मोदी ने लिखा कि उनकी ऊर्जा और प्रतिबद्धता आने वाले समय में हमारी पार्टी को और अधिक सशक्त बनाएगी. यह संदेश है कि आने वाले समय में बीजेपी का नेतृत्व नितिन नवीन ही करेंगे. जनवरी में मकर सक्रांति के बाद नितिन नवीन औपचारिक रूप से पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाएंगे और वे जगत प्रकाश नड्डा की जगह ले लेंगे. यह एक बड़ा बदलाव है.

BJP ने तीसरी पीढ़ी को दे दिया अवसर
केवल दो दशकों में ही बीजेपी ने पहली से दूसरी और अब तीसरी पीढ़ी को अवसर दे दिया है. 1980 में अपनी स्थापना के बाद भारतीय जनता पार्टी ने अटल बिहारी वाजपेयी और लाल कृष्ण आडवाणी का नेतृत्व देखा. उन्होंने बीजेपी में दूसरी पीढ़ी के नेताओं को आगे बढ़ाया जिनमें नरेंद्र मोदी, अरुण जेटली, सुषमा स्वराज, प्रमोद महाजन, शिवराज सिंह चौहान जैसे बड़े नाम शामिल हैं.

सबसे युवा राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष
नितिन नवीन बीजेपी के सबसे युवा राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष हैं. इससे पहले केवल 43 वर्ष की उम्र में अटल बिहारी वाजपेयी 1968 में और 45 वर्ष की उम्र में लाल कृष्ण आडवाणी 1973 में भारतीय जनसंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने थे. पचास से कम उम्र में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने वालों में इससे पहले अमित शाह थे जो केवल 49 वर्ष की उम्र में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बन गए थे. यही नहीं, नितिन नवीन बीजेपी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनने वाले बिहार के ही नहीं बल्कि पूरे पूर्वी भारत से पहले नेता हैं. यह पूर्वी भारत में बीजेपी की मजबूती और उसके विस्तार का परिचायक भी है.

संगठन और सरकार में गहरा अनुभव
नवीन चाहे उम्र में कम हों लेकिन संगठन और सरकार में उनका गहन अनुभव है. उनके पिताजी पटना पश्चिम और अब बांकीपुर सीट से विधायक रहे. पिताजी के असमय निधन के बाद नितिन नवीन ने उनकी विरासत संभाली. 2006 में विधानसभा उपचुनाव में वे पहली बार पटना पश्चिम से जीत कर विधानसभा पहुंचे. तब से लगातार उन्होंने यहां से जीत हासिल की है. वे लगातार पांचवी बार यहां से जीते हैं.

नितिन नवीन ने हाल ही में संपन्न हुए बिहार विधानसभा चुनाव में 52 हजार वोटों से जीत हासिल की. 2021 में वे पहली बार नीतीश सरकार में पथ निर्माण विभाग के मंत्री बने. 2024 में उन्हें नगर विकास एवं आवास तथा विधि विभाग दिया गया और इस बार उन्हें फिर से पथ निर्माण विभाग की जिम्मेदारी दी गई.

