सीएम योगी आदित्यनाथ के समर्थन में नौकरी छोड़ने की घोषणा करने वाले जीएसटी विभाग के डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह ने अपने फैसले पर पुनर्विचार करते हुए इस्तीफा वापस ले लिया है। अचानक लिए गए इस यू-टर्न ने प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में नई चर्चा छेड़ दी है। प्रशांत सिंह ने साफ किया है कि उनका यह फैसला किसी दबाव या निर्देश के तहत नहीं है, बल्कि पूरी तरह उनका निजी निर्णय है।
इस्तीफा वापस लेने के बाद उन्होंने अपने कार्यालय में दोबारा कार्यभार संभाल लिया है और कहा कि वे अब अपने पेशेवर दायित्वों पर फोकस करना चाहते हैं। मीडिया से बातचीत में उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस्तीफा देना भावनात्मक प्रतिक्रिया थी, लेकिन बाद में उन्हें महसूस हुआ कि सिस्टम के भीतर रहकर काम करना ज्यादा प्रभावी है।

इस पूरे घटनाक्रम के दौरान प्रशांत सिंह ने अपने पारिवारिक विवादों का भी जिक्र किया। उन्होंने अपने भाई पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके पारिवारिक हालात और निजी तनावों का असर उनके फैसलों पर पड़ा। हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि इन निजी मुद्दों का उनके सरकारी कामकाज से कोई लेना-देना नहीं है और वे उन्हें अलग रखकर आगे बढ़ना चाहते हैं।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, इस्तीफा वापसी की प्रक्रिया नियमानुसार पूरी की गई और विभाग ने इसे स्वीकार कर लिया है। जानकारों का मानना है कि यह मामला दिखाता है कि भावनात्मक या राजनीतिक माहौल में लिए गए फैसलों पर ठहरकर दोबारा सोचने की जरूरत होती है। फिलहाल प्रशांत सिंह अपने पद पर बने रहेंगे और सामान्य रूप से विभागीय जिम्मेदारियां निभाते रहेंगे।
