पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में शनिवार को एक बार फिर हिंसा ने व्यापक रूप ले लिया, जब बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) से जुड़े लड़ाकों ने अलग-अलग शहरों में लगभग एक ही समय पर हमले किए। इन घटनाओं ने न केवल सुरक्षा एजेंसियों को चौंका दिया, बल्कि आम नागरिकों के बीच भी दहशत का माहौल पैदा कर दिया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, इन हमलों में कम से कम 10 पुलिसकर्मियों की जान चली गई, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं।
प्रांतीय राजधानी क्वेटा के अलावा तटीय और आंतरिक इलाकों में स्थित कुछ अहम शहरों में भी गोलीबारी और विस्फोटों की खबरें सामने आईं। सुरक्षा सूत्रों का कहना है कि हमलावरों ने पुलिस चेकपोस्ट, गश्ती दल और सरकारी इमारतों को निशाना बनाया। जवाबी कार्रवाई में सुरक्षाबलों ने इलाके को घेरकर सर्च ऑपरेशन शुरू किया और कई संदिग्धों को मार गिराने का दावा किया है।

इन हमलों के बाद बलूचिस्तान के संवेदनशील इलाकों में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। क्वेटा में प्रमुख सड़कों पर अतिरिक्त चेकपोस्ट लगाए गए हैं और मोबाइल नेटवर्क अस्थायी रूप से बाधित किया गया है। प्रशासन का कहना है कि हालात नियंत्रण में हैं, लेकिन किसी भी नई घटना से निपटने के लिए सुरक्षा बल पूरी तरह सतर्क हैं।
विश्लेषकों के मुताबिक, एक साथ कई शहरों में हमला करना BLA की बदली हुई रणनीति की ओर इशारा करता है। इससे पहले संगठन छिटपुट घटनाओं तक सीमित था, लेकिन हालिया घटनाक्रम से लगता है कि वह सुरक्षा ढांचे पर सीधा दबाव बनाना चाहता है। बलूचिस्तान लंबे समय से अलगाववाद, संसाधनों के बंटवारे और विकास को लेकर संघर्ष का केंद्र रहा है, और ऐसे हमले उस अस्थिरता को और गहरा कर सकते हैं।
सरकार की ओर से अब तक कोई विस्तृत आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन संघीय और प्रांतीय स्तर पर उच्चस्तरीय बैठकें जारी हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में सुरक्षा नीति को और सख्त किया जा सकता है, ताकि इस तरह के समन्वित हमलों को रोका जा सके।
