सोशल मीडिया और इंस्टेंट मैसेजिंग के क्षेत्र में एक बड़ा मोड़ देखने को मिला है। वॉट्स्ऐप (WhatsApp) द्वारा वैश्विक स्तर पर लॉन्च किए गए उसके सबसे चर्चित ‘यूजरनेम’ फीचर पर भारत सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। केंद्र सरकार ने वॉट्स्ऐप की पैरेंट कंपनी मेटा (Meta) को एक आधिकारिक नोटिस जारी कर इस फीचर के रोलआउट को फिलहाल भारत में होल्ड करने (रोकने) का निर्देश दिया है। सरकार इस नए फीचर के गोपनीयता और सुरक्षा पहलुओं की बारीकी से जांच करना चाहती है।

3 दिन के भीतर विस्तृत जवाब देने का अल्टीमेटम
सरकारी सूत्रों के अनुसार, केंद्र सरकार ने मेटा को नोटिस का जवाब देने के लिए केवल 3 दिनों का समय दिया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि जब तक इस संवेदनशील मामले पर पूरी चर्चा, समीक्षा और परामर्श की प्रक्रिया समाप्त नहीं हो जाती, तब तक मेटा भारत में वॉट्स्ऐप का ‘यूजरनेम’ फीचर आम यूजर्स के लिए रोलआउट नहीं कर सकती। गौरतलब है कि वॉट्स्ऐप ने 30 जून को ही इस फीचर को ग्लोबली लॉन्च किया है, जिसके तहत अभी केवल यूजरनेम रिजर्व करने का विकल्प दिया गया है।
क्या है ‘यूजरनेम’ फीचर और क्यों बढ़ी सरकार की चिंता?
यह नया फीचर काफी हद तक टेलीग्राम ऐप की तर्ज पर काम करता है। अभी तक वॉट्स्ऐप पर किसी भी नए व्यक्ति से बात करने के लिए अपना मोबाइल नंबर साझा करना अनिवार्य होता था। लेकिन इस नए फीचर के आने के बाद, यूजर अपना मोबाइल नंबर छिपाकर सिर्फ एक यूनिक यूजरनेम के जरिए दूसरों से बातचीत शुरू कर सकते हैं।
कंपनी का दावा है कि इससे यूजर्स की प्राइवेसी पहले से कहीं अधिक मजबूत होगी। हालांकि, भारत सरकार और सुरक्षा एजेंसियां इसे लेकर बेहद सतर्क हैं। सरकार को आशंका है कि पहचान छिपाने की इस सुविधा का गलत इस्तेमाल ऑनलाइन फ्रॉड (Cyber Fraud) और फर्जी पहचान (Fake Identity) के मामलों को तेजी से बढ़ा सकता है।
स्कैमर्स के लिए बन सकता है मददगार
अधिकारियों का मानना है कि अगर कोई अपराधी किसी नामी कंपनी, सेलिब्रिटी या किसी अन्य व्यक्ति के नाम से मिलता-जुलता यूजरनेम बना ले, तो वह अपनी असली पहचान छिपाकर लोगों को आसानी से भ्रमित कर सकता है। टेलीग्राम पर पहले भी फर्जी यूजरनेम और नकली प्रोफाइल के जरिए वित्तीय ठगी के कई बड़े मामले सामने आ चुके हैं। सोशल मीडिया पर भी आम लोगों ने चिंता जताई है कि प्राइवेसी के नाम पर पहचान छिपाना आसान होने से स्कैमर्स की चांदी हो सकती है।
वॉट्स्ऐप सीईओ कुणाल शाह का बयान और कंपनी की सफाई
इस बीच, वॉट्स्ऐप के नए सीईओ (CEO) कुणाल शाह ने इस फीचर को लेकर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है। उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा कि उन्होंने ऐसे समय पर कंपनी जॉइन की है, जब दुनिया से पहले उन्हें खुद का यूजरनेम मिल गया। उन्होंने आम लोगों से भी अपने-अपने वॉट्स्ऐप यूजरनेम जल्द रिजर्व करने की अपील की है।
दूसरी ओर, विवादों के बीच वॉट्स्ऐप ने सफाई देते हुए कुछ सुरक्षा उपायों का जिक्र किया है। कंपनी का कहना है कि हर यूजरनेम पूरी तरह से यूनिक होगा और धोखेबाज़ी से बचने के लिए कुछ हाई-प्रोफाइल नामों को पहले से ही सुरक्षित (Reserve) रख लिया जाएगा ताकि कोई उनकी नकल न कर सके। इसके अलावा, वॉट्स्ऐप कोई पब्लिक यूजरनेम डायरेक्टरी भी नहीं बना रहा है, यानी किसी व्यक्ति का यूजरनेम तभी इस्तेमाल किया जा सकेगा जब वह आपको पहले से पता हो। इसके बावजूद, भारत सरकार सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करना चाहती और पूरी जांच के बाद ही आगे का रास्ता साफ करेगी।
