अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में भक्तों द्वारा चढ़ाए गए चढ़ावे की चोरी और वित्तीय हेराफेरी के मामले में आरोपियों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कानूनी कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मुख्य आरोपी रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू समेत गिरफ्तार किए गए सभी 8 आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट (गिरोहबंद अधिनियम) के तहत सख्त मुकदमा दर्ज करने की तैयारी की जा रही है। अब तक हुई छापेमारी, पूछताछ और बरामद किए गए साक्ष्यों को गैंगस्टर की कार्रवाई के लिए पर्याप्त माना जा रहा है।

साजिश के तहत दिया वारदात को अंजाम, पुलिस ले रही विधिक राय
यह पूरा मामला जून के पहले सप्ताह में तब सामने आया था जब मंदिर ट्रस्ट ने अपने स्तर पर जांच कर पुलिस के साथ छापेमारी की और भारी नकदी बरामद की। मामला बढ़ने पर राज्य सरकार ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया। एसआईटी की गहन छानबीन में चोरी के पुख्ता साक्ष्य मिलने के बाद शासन ने इस पर तत्काल कड़ा संज्ञान लिया।
एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर ट्रस्ट के सदस्य कृष्णमोहन ने 8 नामजद और कुछ अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ट्रस्ट के सचिव चंपत राय के सबसे करीबी व वाहन चालक रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू, उसके रिश्तेदार मनीष यादव, कैश गणना (पैसे गिनने के काम) में लगे अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, अविनाश शुक्ला, रमाशंकर मिश्रा और करुणेश पांडेय को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, इन आरोपियों ने एक सोची-समझी साजिश के तहत समूह (गैंग) बनाकर इस वारदात को अंजाम दिया, जो गैंगस्टर एक्ट लगाने का एक मजबूत आधार है।
घरों से बरामद हुए लाखों रुपये और आभूषण, दोबारा तलाशी जारी
जेल में बंद इन सभी आरोपियों से पुलिस ने लंबी पूछताछ की है। इनके घरों पर की गई छापेमारी के दौरान पुलिस ने भारी मात्रा में सोने-चांदी के आभूषण और लाखों रुपये की नकदी बरामद की है। साक्ष्यों को और मजबूत करने के लिए रामजन्मभूमि पुलिस के साथ-साथ क्षेत्रीय पुलिस भी जांच में जुट गई है और आरोपियों के ठिकानों की दोबारा तलाशी ली जा रही है। पुलिस अब विधिक (कानूनी) राय ले रही है ताकि चार्जशीट इतनी मजबूत बनाई जा सके कि आरोपियों को अदालत से बचने का कोई मौका न मिले।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 15 जुलाई तक बढ़ाई SIT की समयसीमा
इस बीच, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या तीर्थ क्षेत्र में चढ़ावे की रकम में हुई इस बड़ी हेराफेरी की जांच कर रही विशेष जांच दल (SIT) की समयसीमा को 15 जुलाई तक बढ़ा दिया है। एसआईटी ने मामले के विभिन्न पहलुओं, बैक-लिंक्स और वित्तीय रूट की गहनता से छानबीन करने के लिए मुख्यमंत्री से अतिरिक्त समय की मांग की थी। मुख्यमंत्री ने एसआईटी की सिफारिश को स्वीकार करते हुए उन्हें 15 जुलाई तक अपनी अंतिम और पूर्ण रिपोर्ट शासन को सौंपने का कड़ा निर्देश दिया है।
