पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में अमेरिका और ईरान के बीच हुए ऐतिहासिक शांति समझौते और ‘स्ट्रैट ऑफ होर्मुज’ के दोबारा खुलने की आहट के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बेहद मोर्चे से बड़ी और राहत भरी खबर आई है। मई 2026 में भारत के मर्चेंडाइज (वस्तु) एक्सपोर्ट में सालाना आधार पर 18 प्रतिशत की भारी-भरकम बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिसके चलते देश का कुल निर्यात रिकॉर्ड 45.20 अरब डॉलर पर पहुंच गया है। पिछले 12 वर्षों में भारत का एक्सपोर्ट बेस लगभग दोगुना हो चुका है, जो भारतीय बाजार की वैश्विक मजबूती को दर्शाता है।
मिडिल ईस्ट क्राइसिस सुधरने का दिखा सीधा असर, इन देशों को हुआ बंपर निर्यात
केंद्रीय वाणिज्य सचिव (Commerce Secretary) राजेश अग्रवाल ने आंकड़ों की जानकारी देते हुए बताया कि मई 2026 का महीना भारत के इतिहास में सबसे ज्यादा मासिक एक्सपोर्ट ग्रोथ दर्ज करने वाले महीनों में शामिल हो गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मिडिल ईस्ट क्राइसिस (पश्चिम एशिया संकट) के कारण जो भारतीय निर्यात पहले बुरी तरह प्रभावित हुआ था, उसमें अब तेजी से रिकवरी (सुधार) देखी जा रही है।
विशेष रूप से संयुक्त अरब अमीरात (UAE), सऊदी अरब, जॉर्डन और यमन जैसे खाड़ी देशों को होने वाले भारतीय निर्यात में जबरदस्त उछाल आया है। यह सुधार ठीक उसी समय देखने को मिला है जब अमेरिका और ईरान के बीच 107 दिनों से जारी तनाव को कम करने के लिए प्रारंभिक समझौते की घोषणा हुई है और दुनिया के सबसे व्यस्त तेल मार्ग ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ के पूरी तरह से दोबारा खुलने की उम्मीद बढ़ी है।
ट्रेड डेफिसिट (व्यापार घाटा) में आई गिरावट
सरकार द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, मई महीने में भारत का इंपोर्ट (आयात) भी बढ़कर 73.41 अरब डॉलर दर्ज किया गया है। हालांकि, इंपोर्ट बढ़ने के बावजूद देश के ट्रेड डेफिसिट (व्यापार घाटे) में कमी आई है, जो अर्थव्यवस्था के लिए एक अच्छा संकेत है। मई 2026 में भारत का व्यापार घाटा घटकर 28.21 अरब डॉलर रह गया, जो कि इससे पिछले महीने यानी अप्रैल 2026 में 28.38 अरब डॉलर के स्तर पर था। इसके अलावा, पिछले एक दशक में भारत के सर्विस एक्सपोर्ट (सेवा निर्यात) में भी करीब तीन गुना की ऐतिहासिक बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
सोने के आयात (Gold Import) में 60% की भारी तेजी
इस व्यापारिक उछाल के बीच देश में सोने की मांग में भी भारी तेजी देखने को मिली है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, चालू वित्त वर्ष की शुरुआती अवधि यानी अप्रैल-मई 2026 के दौरान भारत में सोने का आयात सालाना आधार पर 60 प्रतिशत बढ़कर 9.04 अरब डॉलर पर पहुंच गया है।
नया मास्टरप्लान: FTA का लाभ उठाने के लिए राज्यों में होंगी कार्यशालाएं
वाणिज्य मंत्रालय के मुताबिक, सरकार को उम्मीद है कि नए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स (FTA) लागू होने के बाद भारत के एक्सपोर्ट को और ज्यादा रफ्तार मिलेगी। सरकार अब UAE, ऑस्ट्रेलिया और यूरोपियन फ्री ट्रेड एसोसिएशन (EFTA) जैसे वैश्विक साझेदारों के साथ हुए ऐतिहासिक व्यापार समझौतों का सीधा लाभ भारतीय एक्सपोर्टर्स (निर्यातकों) तक पहुंचाने के लिए देश के अलग-अलग राज्यों में विशेष वर्कशॉप (कार्यशालाएं) आयोजित करने जा रही है, ताकि जमीनी स्तर पर उत्पादन और निर्यात को बढ़ावा दिया जा सके।
