पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में जारी भारी भू-राजनीतिक तनाव अब समंदर के बीच वाणिज्यिक जहाजों (Commercial Ships) के लिए काल बनने लगा है। ओमान के तट के पास पलाऊ (Palau) देश में रजिस्टर्ड एक ऑयल टैंकर पर अमेरिकी ऑपरेशन के तहत हुए मिसाइल हमले ने अंतरराष्ट्रीय गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। इस कमर्शियल जहाज पर कुल 28 क्रू मेंबर्स सवार थे, जिनमें से 24 भारतीय नागरिक थे। इस दुखद हमले के बाद 3 भारतीय नागरिक लापता बताए जा रहे हैं, जबकि 21 भारतीयों को सुरक्षित बचा लिया गया है। भारत सरकार ने इस घटना पर कड़ा रुख अख्तियार करते हुए नई दिल्ली में अमेरिकी राजनयिक को तलब (Summon) कर सख्त लहजे में अपना विरोध दर्ज कराया है।

इंजन रूम में लगी आग, ओमान नौसेना ने चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन
यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशन्स (UKMTO) और ब्रिटिश मैरीटाइम रिस्क मैनेजमेंट ग्रुप ‘वैनगार्ड’ के अनुसार, यह घटना 10 जून की है। पलाऊ के झंडे वाला यह केमिकल/ऑयल प्रोडक्ट टैंकर जिसका नाम ‘सेटेबेलो’ (Settebello) है, ओमान के सोहर बंदरगाह से 20 नॉटिकल मील उत्तर-पूर्व में था, तभी एक हमले के बाद इसके इंजन रूम में भीषण आग लग गई। जहाज द्वारा भेजी गई आपातकालीन डिस्ट्रेस कॉल (Distress Call) पर ओमान की नौसेना ने तुरंत कार्रवाई करते हुए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। मरीन ट्रैफिक शिप-ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म के मुताबिक, यह टैंकर आंशिक रूप से भरा हुआ था और आखिरी बार 1 जून को ओमान के तट के पास देखा गया था।
ईरानी बंदरगाहों की अमेरिकी घेराबंदी का नतीजा था हमला?
रॉयटर्स ने ब्रिटिश मैरीटाइम सिक्योरिटी ग्रुप ‘एम्ब्रे’ और अन्य मैरीटाइम सुरक्षा सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि यह हमला शायद ईरानी बंदरगाहों की घेराबंदी करने के लिए अमेरिकी सैन्य ऑपरेशन (US Military Operation) का नतीजा था। हो सकता है कि जहाज पर सीधे अमेरिकी मिसाइल आकर गिरी हो। दरअसल, अमेरिका ने 13 अप्रैल से ही ईरान से जुड़े जहाजों की आवाजाही पर सख्त रोक लगाना शुरू कर दिया था, क्योंकि ईरान ने दुनिया के सबसे मुख्य तेल मार्ग ‘होर्मुज स्ट्रेट’ से जहाजों की आवाजाही को बेहद सीमित कर दिया था। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने 8 जून को ही बयान दिया था कि उन्होंने नियमों का पालन न करने वाले 7 जहाजों को रोका है और 134 जहाजों का रास्ता बदला है। हालांकि, सेंटकॉम ने इस ताजा हमले पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
भारत ने अमेरिकी राजनयिक जेसन मीक्स को किया तलब
इस संवेदनशील मामले को देखते हुए भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने बुधवार को नई दिल्ली में अमेरिकी दूतावास के ‘चार्ज डी अफेयर्स’ जेसन मीक्स (Jason Meeks) को तलब किया। विदेश मंत्रालय में एडिशनल सेक्रेटरी (अमेरिका) नागराज नायडू ने अमेरिकी राजनयिक के सामने भारत का कड़ा विरोध और निंदा प्रस्ताव दर्ज कराया। भारत ने खुले तौर पर समुद्र में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर अपनी गहरी चिंता जाहिर की है। मस्कट (ओमान) में स्थित भारतीय दूतावास लगातार ओमान के अधिकारियों के साथ संपर्क में है और लापता 3 भारतीयों के लिए खोज अभियान जारी है।
