मिडिल ईस्टमें अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा सैन्य टकराव अब पूरी तरह से युद्ध के तीसरे चरण में प्रवेश कर चुका है। अमेरिकी अपाचे हेलीकॉप्टर को मार गिराए जाने और उसके जवाब में अमेरिकी सेना की जवाबी कार्रवाई के बाद, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ बेहद आक्रामक रुख अपना लिया है। ट्रंप ने ईरान की सैन्य क्षमता पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोलते हुए दावा किया कि ईरानी सेना पूरी तरह से तबाह हो चुकी है और अब वह सिर्फ खोखली धमकियां देने लायक बची है।

‘पश्चिम एशिया का दबंग अब खत्म, चुकानी होगी कीमत’—ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा, “ईरान की सेना पूरी तरह और संपूर्ण रूप से अव्यवस्थित (अस्त-व्यस्त) हो चुकी है। इसकी ताकत का एक बड़ा हिस्सा, विशेषकर उसकी नौसेना और वायुसेना, अब लगभग अस्तित्व में ही नहीं है। उन्हें हमारी सेना ने पूरी तरह पराजित कर दिया है। ईरान सिर्फ बड़ी-बड़ी बातें करता है, कार्रवाई करने की उसकी औकात नहीं है। पश्चिम एशिया का तथाकथित ‘दबंग’ अब हमेशा के लिए खत्म हो चुका है।”
ट्रंप ने आगे कहा कि ईरान के पास अमेरिका के साथ एक बेहद सम्मानजनक और फायदेमंद शांति समझौता करने का सुनहरा मौका था, लेकिन उसने बातचीत की मेज पर आने में बहुत देर कर दी। ट्रंप ने दोटूक लहजे में चेतावनी दी कि अब ईरान ने वह मौका खो दिया है और उसे अपनी इन हिमाकतों की बहुत भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।
कुवैत, बहरीन और जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर ईरानी मिसाइल हमले
दोनों परमाणु संपन्न ताकतों के बीच तनाव उस समय और ज्यादा हिंसक हो गया, जब ‘ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स’ (IRGC) ने दक्षिणी ईरान में अमेरिकी वायुसेना के हमलों के जवाब में बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ताबड़तोड़ ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला कर दिया।
दरअसल, इससे ठीक पहले अमेरिकी पेंटागन ने घोषणा की थी कि ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (होर्मुज जलडमरूमध्य) के ऊपर अमेरिकी सैन्य हेलीकॉप्टर गिराए जाने के जवाब में अमेरिकी सेना ने ‘आत्मरक्षा’ (Self-Defense) का हवाला देते हुए ईरान के कई रणनीतिक ठिकानों को बमबारी कर नेस्तनाबूद कर दिया था। इस ताबड़तोड़ सैन्य वृद्धि पर ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने भी पलटवार करते हुए कहा है कि ईरान अपनी संप्रभुता पर हुए किसी भी हमले या धमकी को बिना करारा जवाब दिए नहीं छोड़ेगा।
इजरायल पर भड़के तुर्किये के राष्ट्रपति एर्दोगन: ‘अब हमारे लिए भी खतरा’
इस महायुद्ध की आग में अब तुर्किये भी सीधे कूदता नजर आ रहा है। तुर्किये के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन ने सीरिया और लेबनान पर इजरायल द्वारा की जा रही लगातार बमबारी पर बेहद कड़ी आपत्ति जताई है। एर्दोगन ने चेतावनी देते हुए कहा, “सीरिया और लेबनान पर इजरायल के ये बेलगाम हमले अब सीधे तौर पर तुर्किये की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा बन गए हैं। इजरायल की यह आक्रामकता पूरी दुनिया की शांति को लीलने पर आमादा है, जिसे तत्काल प्रभाव से रोका जाना चाहिए।”
