उत्तर भारत के कई राज्यों में शुक्रवार रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब हिमाचल प्रदेश से लेकर हरियाणा और पंजाब तक भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। मौसम विज्ञान केंद्र (IMD) के मुताबिक, शुक्रवार रात करीब 10:04 बजे से 10:30 बजे के बीच आए इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 5.0 (कुछ इलाकों में 4.8) आंकी गई है। भूकंप के झटके इतने तेज थे कि धर्मशाला, चंबा और आसपास के जिलों सहित चंडीगढ़ व पंचकुला में भी लोग दहशत के मारे अपने घरों और बहुमंजिला इमारतों से बाहर निकल आए।

धर्मशाला से 40 किमी दूर था भूकंप का केंद्र
मौसम विज्ञान कार्यालय से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस भूकंप का मुख्य केंद्र (Epicenter) हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा और चंबा जिले की सीमा पर स्थित ‘धर गोदोई’ के पास था, जो धर्मशाला से लगभग 40 किलोमीटर दूर है। यह भूकंप सतह से करीब 5 किलोमीटर (कुछ रिपोर्टों में 10 किलोमीटर) की गहराई में केंद्रित था। भौगोलिक दृष्टि से इसका सटीक स्थान 32.478 उत्तरी अक्षांश और 76.722 पूर्वी देशांतर पर दर्ज किया गया।
पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ तक दिखा असर
इस भूकंप का असर केवल हिमाचल प्रदेश तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि पड़ोसी राज्यों पंजाब और हरियाणा के कई हिस्सों में भी धरती डोल गई। चंडीगढ़ और पंचकुला जैसे ट्राइसिटी इलाकों में भी लोगों ने तेज कंपन महसूस किया। धर्मशाला के एक स्थानीय निवासी ने अपना खौफनाक अनुभव साझा करते हुए बताया, “यह मेरे जीवन का अब तक का सबसे भयानक अनुभव था। हम पूरी तरह डर गए थे। कंपन इतना तेज था कि ऐसा लगा मानो पूरी इमारत अभी गिर जाएगी, जिसके बाद हर कोई फौरन खुले मैदान की तरफ भागा।”
हाई-रिस्क जोन-5 में हैं कई जिले, प्रशासन अलर्ट
पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश के कई जिले भूकंपीय दृष्टि से बेहद संवेदनशील माने जाते हैं और ये ‘उच्च जोखिम वाले जोन-5’ (Zone-5) के अंतर्गत आते हैं, जहां बड़े भूकंप आने का खतरा हमेशा बना रहता है। हालांकि, राहत की बात यह है कि स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमों की शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य के किसी भी हिस्से से अभी तक किसी भी प्रकार के जान-माल के नुकसान या संपत्ति के ढहने की कोई तत्काल सूचना सामने नहीं आई है। प्रशासन पूरी स्थिति पर लगातार बारीकी से नजर बनाए हुए है।
