fbpx
  Previous   Next
HomeBusinessऑनलाइन फ्रॉड से पीड़ित लोगों के लिए बड़ा ऐलान, मिलेगा 25000 रुपये...

ऑनलाइन फ्रॉड से पीड़ित लोगों के लिए बड़ा ऐलान, मिलेगा 25000 रुपये का मुआवजा

देश में तेजी से बढ़ते डिजिटल भुगतान के साथ ऑनलाइन धोखाधड़ी भी एक बड़ी चुनौती बनती जा रही है। इसी पृष्ठभूमि में भारतीय रिजर्व बैंक ने उपभोक्ताओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए एक अहम पहल की रूपरेखा तैयार की है। केंद्रीय बैंक का मकसद अब केवल बैंकिंग सिस्टम को स्थिर रखना नहीं, बल्कि आम ग्राहकों को डिजिटल फ्रॉड के जोखिम से भी मजबूत सुरक्षा देना है।

how combining ai humans can help tackle cyber fraud

हालिया मौद्रिक नीति समीक्षा के बाद आरबीआई ने संकेत दिए हैं कि ऑनलाइन फ्रॉड के मामलों में ग्राहकों को आर्थिक राहत देने के लिए एक नया ढांचा तैयार किया जा रहा है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत यदि किसी ग्राहक को डिजिटल लेनदेन में धोखाधड़ी का सामना करना पड़ता है, तो उसे एक तय सीमा तक मुआवजा मिल सकता है। इससे बैंकों की जिम्मेदारी भी तय होगी और उन्हें साइबर सुरक्षा को लेकर ज्यादा सख्त कदम उठाने होंगे।

आरबीआई गवर्नर ने अपने संबोधन में कहा कि देश का बैंकिंग और एनबीएफसी सेक्टर फिलहाल मजबूत स्थिति में है, लेकिन डिजिटल युग में खतरे भी उसी तेजी से बढ़ रहे हैं। इसी कारण नियामक अब ऐसे नियमों पर काम कर रहा है, जो खासतौर पर बुजुर्गों और तकनीक से कम परिचित ग्राहकों को अतिरिक्त सुरक्षा प्रदान कर सकें। डिजिटल पेमेंट को सुरक्षित बनाने के लिए एक विस्तृत चर्चा पत्र भी लाने की तैयारी है, जिसमें ट्रांजेक्शन लिमिट और सुरक्षा उपायों पर सुझाव शामिल होंगे।

rbi 4

मौद्रिक नीति के मोर्चे पर आरबीआई ने फिलहाल ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। रेपो रेट को स्थिर रखते हुए केंद्रीय बैंक ने यह संकेत दिया कि उसकी नजर महंगाई और आर्थिक वृद्धि दोनों पर संतुलन बनाए रखने पर है। दिसंबर में की गई कटौती के बाद मौजूदा दर को जारी रखना बाजार के लिए स्थिरता का संकेत माना जा रहा है।

आर्थिक वृद्धि को लेकर आरबीआई ने आने वाली तिमाहियों के लिए सकारात्मक संकेत दिए हैं। हालांकि पूरे वित्त वर्ष के अनुमान को नई जीडीपी सीरीज आने तक टाल दिया गया है, लेकिन शुरुआती तिमाहियों में मजबूत ग्रोथ की उम्मीद जताई गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि डिजिटल फ्रॉड पर प्रभावी नियंत्रण होता है, तो इससे उपभोक्ताओं का भरोसा बढ़ेगा और डिजिटल अर्थव्यवस्था को और गति मिलेगी।

कुल मिलाकर, आरबीआई की यह पहल केवल मुआवजे तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य डिजिटल लेनदेन को सुरक्षित, भरोसेमंद और आम लोगों के लिए सहज बनाना है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

More News

गुवाहाटी में पीएम मोदी का कांग्रेस पर प्रहार, नॉर्थ ईस्ट के विकास पर जोर

असम की राजधानी Guwahati में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री Narendra Modi ने पूर्वोत्तर क्षेत्र के विकास को केंद्र सरकार की...

वैलेंटाइन डे पर सुकेश का नया दाव, जैकलीन फर्नांडीज को गिफ्ट किया प्राइवेट जेट

दिल्ली की मंडोली जेल में बंद कथित ठग Sukesh Chandrasekhar ने वैलेंटाइन डे के मौके पर एक बार फिर बॉलीवुड अभिनेत्री Jacqueline Fernandez के...

सोना-चांदी में तेज गिरावट से बाजार में हलचल, सोना 25000, चांदी 1.40 लाख रुपये ग‍िरा

फरवरी के दूसरे सप्ताह में सर्राफा बाजार में अचानक आई तेज गिरावट ने निवेशकों और खरीदारों दोनों को चौंका दिया है। महीने की शुरुआत...

RELATED NEWS

वैश्विक संकेतों से टूटी चमक, सोना 5000 रुपये, चांदी का भाव 24000 रुपये से ज्‍यादा टूटा

कीमती धातुओं के बाजार में अचानक आई गिरावट ने निवेशकों को चौंका दिया है। अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिले संकेतों और डॉलर की मजबूती के...

ट्रंप के दावे पर रूस का जवाब… हमसे तेल खरीदना बंद नहीं करेगा भारत

भारत और रूस के बीच ऊर्जा सहयोग को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। अमेरिकी दावों के बीच...

डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन में मजबूती से सरकार को राहत, खजाने में आए 19.43 लाख करोड़ रुपए

देश की आर्थिक सेहत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। चालू वित्त वर्ष में प्रत्यक्ष कर संग्रह ने उम्मीदों से बेहतर प्रदर्शन...