fbpx
  Previous   Next
HomePoliticsबिहार में BJP-JDU में सीट शेयरिंग पर चिराग ने फंसाया पेंच? चिराग...

बिहार में BJP-JDU में सीट शेयरिंग पर चिराग ने फंसाया पेंच? चिराग की मांग 40 की है तो मांझी-कुशवाहा को कितनी?

बिहार एनडीए में सीट‑शेयरिंग को अंतिम रूप दिल्ली में अमित शाह की बैठक के बाद दिया जाना है, ताकि गठबंधन की रणनीति और एकता सुनिश्चित की जा सके.

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 नजदीक है और इस बीच एनडीए गठबंधन के भीतर सीट‑शेयरिंग को लेकर राजनीतिक हलचल बढ़ गई है. जनता दल यूनाइटेड यानी जेडीयू और भारतीय जनता पार्टी के साथ-साथ लोक जनशक्ति पार्टी, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा और अन्य छोटे सहयोगी दल इस बार की रणनीति में अहम भूमिका निभा रहे हैं.

image 14

बीजेपी-जेडीयू बराबर-बराबर सीटों पर लड़ सकती है
सूत्रों के अनुसार, जेडीयू और बीजेपी लगभग बराबर संख्या में सीटें लड़ सकते हैं, संभवतः प्रत्येक को लगभग 100–105 सीटों की हिस्सेदारी मिल रही है. शुरुआती अटकलों में यह भी कहा गया था कि जेडीयू को ‘बड़ा भाई’ बनाए रखने का प्रयास होगा, जिससे उसे थोड़ी बढ़त मिल सकती है यानी कि जेडीयू को 102–103 सीटें, जबकि बीजेपी को 101–102 सीटें मिल सकती हैं. इस तरह का संतुलन एक समन्वित गठबंधन का संदेश देता है, जहां दोनों बड़े दल एक-दूसरे की राजनीतिक हैसियत और प्रभाव को बराबर मानते हुए चुनावी जमीन बांट रहे हैं.

image 15


चिराग की पार्टी ने की है 40 सीटों की मांग!
चुनौती छोटे सहयोगियों की हिस्सेदारी और चिराग पासवान को लेकर है. लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास), यानी चिराग पासवान की पार्टी, ने शुरुआत में 40 सीटों की मांग की थी, लेकिन NDA सूत्रों के अनुसार, उनकी हिस्सेदारी लगभग 20–28 सीटों तक सीमित रह सकती है. यह मांग और मात्रा से स्पष्ट है कि चिराग का यह एक रणनीतिक बारगेनिंग टैक्टिक माना जा रहा है, जिसे संयम से संभाला जा रहा है. चिराग के समर्थकों ने चिराग को मुख्यमंत्री बनाने तक भी मांग कर दी है. चिराग पासवान की सीटों को लेकर जारी टकराव ने एकता को चुनौती दी है, उनकी मांगें जेडीयू और बीजेपी दोनों के लिए समस्या बन रही हैं.

image 16

HAM को 5–7 और RLM को 4–5 सीटें मिलने की संभावना
इसके अलावा, अन्य सहयोगियों जैसे हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) और राष्ट्र्रीय लोक मोर्चा (RLM) को कुछ सीटें मिलने की संभावना है, हालांकि संख्या सीमित हो सकती है. जैसे HAM को 5–7 सीटें और RLM को 4–5 सीटें. पटना और दिल्ली में उच्च स्तर की बैठकों का आयोजन लगातार हो रहा है, जिसका उद्देश्य सीट‑शेयरिंग पर अंतिम मंथन है.

image 17


दिल्ली में अमित शाह की बैठक के बाद फाइनल होंगी सीटें
इस पूरे परिदृश्य को देखते हुए, एनडीए में सीट‑शेयरिंग की संभावना कुछ इस प्रकार रूप ले रही है: जेडीयू और बीजेपी लगभग बराबर हिस्सेदारी पर सहमत, लगभग 100–105 सीटें प्रत्येक को मिल सकती हैं, जिससे गठबंधन में संतुलन बना रहे. चिराग पासवान की LJP (RV) को लगभग 20–25 सीटों की हिस्सेदारी देने की संभावना अधिक है, जो उनकी मांग से कम है लेकिन गठबंधन बनाए रखने की दिशा में एक समझौतावादी कदम है. अन्य सहयोगी दलों को सीमित लेकिन सम्मानजनक हिस्सेदारी, जैसे HAM और RLM को कुछ सीटें मिल सकती हैं. सीट‑शेयरिंग को अंतिम रूप दिल्ली में अमित शाह की बैठक के बाद दिया जाना है, ताकि गठबंधन की रणनीति और एकता सुनिश्चित की जा सके

image 18

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

More News

गुवाहाटी में पीएम मोदी का कांग्रेस पर प्रहार, नॉर्थ ईस्ट के विकास पर जोर

असम की राजधानी Guwahati में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री Narendra Modi ने पूर्वोत्तर क्षेत्र के विकास को केंद्र सरकार की...

वैलेंटाइन डे पर सुकेश का नया दाव, जैकलीन फर्नांडीज को गिफ्ट किया प्राइवेट जेट

दिल्ली की मंडोली जेल में बंद कथित ठग Sukesh Chandrasekhar ने वैलेंटाइन डे के मौके पर एक बार फिर बॉलीवुड अभिनेत्री Jacqueline Fernandez के...

सोना-चांदी में तेज गिरावट से बाजार में हलचल, सोना 25000, चांदी 1.40 लाख रुपये ग‍िरा

फरवरी के दूसरे सप्ताह में सर्राफा बाजार में अचानक आई तेज गिरावट ने निवेशकों और खरीदारों दोनों को चौंका दिया है। महीने की शुरुआत...

RELATED NEWS

IndiGo पर चला DGCA का हंटर, ठोका 22 करोड़ रुपये से ज्यादा का जुर्माना

देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो को हालिया उड़ान अव्यवस्थाओं के मामले में नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) की कड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ा...

महंगाई भत्ते को लेकर बढ़ी उम्मीदें, 8वें वेतन आयोग से पहले अहम संकेत

केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स के बीच एक बार फिर महंगाई भत्ते को लेकर चर्चा तेज हो गई है। लगातार बढ़ती जीवन लागत...

अमेरिकी लोकतंत्र की कसौटी बना वेनेजुएला संकट, सत्ता संतुलन की नई लड़ाई शुरू

वेनेजुएला संकट को लेकर अमेरिकाकी आंतरिक राजनीति एक नए मोड़ पर पहुंच गई है। वॉशिंगटन में हुए हालिया घटनाक्रम ने यह साफ कर दिया...