कीमती धातुओं के बाजार में अचानक आई गिरावट ने निवेशकों को चौंका दिया है। अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिले संकेतों और डॉलर की मजबूती के चलते घरेलू वायदा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में तेज करेक्शन देखने को मिला। देर रात कारोबार के दौरान गिरावट और गहरी हो गई, जिससे दाम हाल के उच्च स्तर से काफी नीचे आ गए।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका से आए मजबूत आर्थिक संकेतों ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया है। जब वैश्विक स्तर पर ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद कमजोर पड़ती है, तो सोने जैसे गैर-ब्याज वाले निवेश विकल्पों में आकर्षण घट जाता है। इसी वजह से बड़े फंड और ट्रेडर्स ने मुनाफावसूली शुरू कर दी, जिसका असर सीधे कीमतों पर दिखा।

डॉलर इंडेक्स में उछाल ने भी कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ाया है। चूंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने-चांदी का कारोबार डॉलर में होता है, इसलिए डॉलर मजबूत होने पर अन्य देशों के खरीदारों के लिए ये धातुएं महंगी पड़ती हैं। मांग में कमी का असर कीमतों में गिरावट के रूप में सामने आता है।
घरेलू स्तर पर भी निवेशकों ने ऊंचे स्तर पर पहुंचने के बाद मुनाफा सुरक्षित करने की रणनीति अपनाई है। हाल के महीनों में सोना और चांदी रिकॉर्ड ऊंचाई तक पहुंचे थे, ऐसे में यह गिरावट एक तकनीकी सुधार मानी जा रही है। हालांकि जानकारों का कहना है कि लंबी अवधि के निवेशकों के लिए हर गिरावट संभावित अवसर भी हो सकती है, बशर्ते वे जोखिम और बाजार की दिशा को समझकर कदम उठाएं।
फिलहाल बाजार की नजर वैश्विक केंद्रीय बैंकों के आगामी फैसलों और डॉलर की चाल पर टिकी है। आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम के अनुसार कीमती धातुओं की दिशा तय होगी।
