पश्चिम बंगाल में पिछले कई दिनों से जारी संवैधानिक गतिरोध और इस्तीफे को लेकर मचे सियासी घमासान पर आज राज्यपाल आर.एन. रवि ने पूर्णविराम लगा दिया है। राज्यपाल ने गुरुवार को एक आधिकारिक अधिसूचना जारी करते हुए राज्य विधानसभा को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया। कोलकाता गजट में प्रकाशित इस नोटिफिकेशन के साथ ही ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली कैबिनेट बर्खास्त हो गई है और वे अब राज्य की मुख्यमंत्री नहीं रही हैं।

राज्यपाल ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 174 (2)(b) के तहत अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह कड़ा कदम उठाया। 7 मई 2026 को विधानसभा का कार्यकाल समाप्त होने के साथ ही यह आदेश लागू हो गया। इस गजट नोटिफिकेशन पर राज्य के मुख्य सचिव दुष्यंत नारियाला के भी हस्ताक्षर हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि चूंकि ममता बनर्जी ने चुनाव में हार के बावजूद इस्तीफा देने से इनकार कर दिया था, इसलिए राज्यपाल ने संवैधानिक शून्य (Constitutional Vacuum) से बचने के लिए सीधे विधानसभा भंग करने का मार्ग चुना।
इस आदेश के साथ ही बंगाल में 2011 से चला आ रहा तृणमूल कांग्रेस (TMC) का शासन आधिकारिक रूप से समाप्त हो गया है। 2026 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 207 सीटें जीतकर प्रचंड बहुमत हासिल किया है, लेकिन मुख्यमंत्री के इस्तीफे न देने के अडिग रुख के कारण राज्य में ‘पावर ट्रांसफर’ को लेकर अनिश्चितता बनी हुई थी। अब विधानसभा भंग होने के बाद, नई सरकार के गठन का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।
विधानसभा भंग होने के साथ ही अब बंगाल में नई सरकार के शपथ ग्रहण की तैयारियां तेज हो गई हैं। भाजपा ने पहले ही घोषणा की है कि 9 मई को नए मुख्यमंत्री और कैबिनेट का शपथ ग्रहण समारोह ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित किया जाएगा। राज्यपाल अब जल्द ही नवनिर्वाचित भाजपा विधायक दल के नेता को सरकार बनाने का न्यौता देंगे।
