नीट (NEET UG) पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रही है। इस संवेदनशील मुद्दे को लेकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के सरकारी आवास पर एक बेहद महत्वपूर्ण और हाई लेवल बैठक आयोजित की गई है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस उच्च स्तरीय बैठक में देश के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के महानिदेशक (DG) अभिषेक सिंह और प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के कई वरिष्ठ अधिकारी प्रमुख रूप से मौजूद हैं। माना जा रहा है कि इस बैठक में नीट परीक्षा में सुधार और पारदर्शिता को लेकर कुछ बड़े और कड़े फैसले लिए जा सकते हैं।

3 मई को हुई थी परीक्षा, अनियमितताओं के बाद हुई रद्द
गौरतलब है कि देश की सबसे बड़ी चिकित्सा प्रवेश परीक्षा ‘नीट यूजी 2026’ का आयोजन इसी साल 3 मई को किया गया था। हालांकि, परीक्षा के तुरंत बाद ही बड़े पैमाने पर गड़बड़ी और अनियमितताओं के इनपुट्स सामने आए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की और 12 मई को इस परीक्षा को पूरी तरह से रद्द करने का ऐतिहासिक फैसला लिया था।
21 जून को होगी पुनर्परीक्षा, 23 लाख छात्र होंगे शामिल
पेपर लीक और धांधली के बाद अब आगामी 21 जून को नीट की पुनर्परीक्षा (Re-exam) आयोजित होने जा रही है। इस परीक्षा में देश भर के करीब 23 लाख परीक्षार्थी शामिल होने वाले हैं। इतनी बड़ी संख्या में छात्रों के भविष्य और परीक्षा की शुचिता को ध्यान में रखते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान लगातार तैयारियों की बारीकी से समीक्षा कर रहे हैं। इसी कड़ी में गुरुवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के आवास पर यह हाई लेवल मीटिंग बुलाई गई, ताकि आगामी परीक्षा को पूरी तरह से फुलप्रूफ और लीक-प्रूफ बनाया जा सके और पीएमओ के समन्वय के साथ सभी सुरक्षा इंतजाम पुख्ता किए जा सकें।
