वैश्विक हालात में बढ़ती अनिश्चितता का असर शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार पर साफ दिखाई दिया। कारोबार की शुरुआत से ही बाजार में दबाव बना रहा और निवेशकों ने जोखिम से बचने के लिए जमकर बिकवाली की। इस कारण प्रमुख सूचकांकों में तेज गिरावट दर्ज की गई और बाजार का माहौल पूरे दिन नकारात्मक बना रहा।
कारोबार के दौरान BSE Sensex और Nifty 50 दोनों प्रमुख सूचकांकों में बड़ी गिरावट देखने को मिली। विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और निवेशकों की सतर्कता के कारण बाजार में अस्थिरता बढ़ गई है। इसी वजह से कई सेक्टरों में एक साथ बिकवाली का दबाव बना। सप्ताह के आखिरी दिन BSE Sensex 1470.50 अंक गिरकर 74,563 के स्तर पर बंद हुआ वहीं Nifty 50 भी 488.05 अंक की गिरावट के साथ 23,151.10 के स्तर पर आकर बंद हुआ. वैश्विक अनिश्चितता और निवेशकों की सतर्कता के कारण बाजार में चौतरफा बिकवाली देखी जा रही है, जिससे प्रमुख सूचकांकों पर दबाव रहा.

बाजार में आई इस गिरावट का सीधा असर निवेशकों की संपत्ति पर भी पड़ा। कुछ ही घंटों के कारोबार में शेयर बाजार में सूचीबद्ध कंपनियों के कुल मार्केट कैप में भारी कमी दर्ज की गई। इससे लाखों निवेशकों को बड़ा झटका लगा और कई दिग्गज कंपनियों के शेयर भी दबाव में आ गए।
विश्लेषकों के मुताबिक वैश्विक घटनाक्रम, खासकर पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों को लेकर बनी अनिश्चितता ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है। ऐसे माहौल में विदेशी निवेशकों की ओर से भी पूंजी निकासी देखी गई, जिससे बाजार पर अतिरिक्त दबाव पड़ा।
हालांकि बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि शेयर बाजार में इस तरह के उतार-चढ़ाव वैश्विक परिस्थितियों के कारण आते रहते हैं। उनका कहना है कि दीर्घकालिक निवेशकों को घबराने के बजाय बाजार की चाल को समझते हुए रणनीति बनानी चाहिए। आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और आर्थिक संकेतकों के आधार पर बाजार की दिशा तय होगी।
