प्रधानमंत्री Narendra Modi ने असम दौरे के दौरान डिब्रूगढ़ जिले के मोरन बाईपास पर तैयार की गई इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी का उद्घाटन किया। यह विशेष एयरस्ट्रिप राष्ट्रीय राजमार्ग के एक हिस्से पर विकसित की गई है, जिसे आपातकालीन परिस्थितियों में सैन्य और नागरिक विमानों की लैंडिंग के लिए उपयोग किया जा सकेगा।

प्रधानमंत्री का विमान पहले चाबुआ एयरबेस पहुंचा, जहां से वे विशेष सैन्य विमान के जरिए मोरन पहुंचे। कार्यक्रम के दौरान भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने एयरस्ट्रिप पर अभ्यास लैंडिंग और टेकऑफ का प्रदर्शन किया। अधिकारियों के अनुसार यह सुविधा पूर्वोत्तर क्षेत्र में रणनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
यह एयरस्ट्रिप केंद्र सरकार, सड़क परिवहन मंत्रालय और Indian Air Force के समन्वय से तैयार की गई है। करीब चार किलोमीटर लंबे इस हाईवे खंड को विशेष रूप से मजबूत और समतल बनाया गया है ताकि जरूरत पड़ने पर भारी सैन्य विमान भी सुरक्षित रूप से उतर सकें।

विशेषज्ञों का मानना है कि पूर्वोत्तर भारत की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए ऐसी वैकल्पिक लैंडिंग सुविधाएं सुरक्षा तैयारियों को मजबूत करती हैं। आपदा या युद्ध जैसी स्थिति में यह एयरस्ट्रिप त्वरित सैन्य प्रतिक्रिया और राहत कार्यों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है।
सरकार का कहना है कि इस परियोजना से न केवल रक्षा क्षेत्र को मजबूती मिलेगी, बल्कि क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचे के विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। स्थानीय स्तर पर इसे रोजगार और आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि के अवसर के रूप में भी देखा जा रहा है।
इस उद्घाटन के साथ ही पूर्वोत्तर भारत में सामरिक अवसंरचना के विस्तार की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम जुड़ गया है।
