दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित कॉलेज ‘मिरांडा हाउस’ में आयोजित होने जा रहे ‘वर्ल्ड पब्लिक समिट, इंडिया’ के अंतर्गत अंतरराष्ट्रीय राउंड टेबल में इस बार गुजरात की आध्यात्मिक महक गूंजेगी। अहमदाबाद स्थित ‘वशिष्ठ योग आश्रम’ के संस्थापक और विख्यात योग गुरु धीरज को इस महत्वपूर्ण वैश्विक मंच पर विशेष वक्ता के रूप में आमंत्रित किया गया है। यह अंतरराष्ट्रीय चर्चा “Spiritual Unity: from traditional values to a culture of peace” विषय पर केंद्रित होगी, जहाँ अहमदाबाद का योग दर्शन वैश्विक शांति का मार्ग प्रशस्त करेगा।

आगामी 24 मार्च 2026 को मिरांडा हाउस के दर्शनशास्त्र विभाग में होने वाले इस आयोजन में विभिन्न देशों के विद्वान, नीति-निर्माता और आध्यात्मिक नेता जुटेंगे। योग गुरु धीरज, जो अपने ‘वशिष्ठ योग फाउंडेशन’ के माध्यम से योग को आधुनिक जीवनशैली से जोड़ने के लिए जाने जाते हैं, यहाँ योग को ‘मानव चेतना को जोड़ने वाला विज्ञान’ के रूप में प्रस्तुत करेंगे। उनका तर्क है कि वर्तमान वैश्विक तनाव और सामाजिक टकराव का मूल कारण ‘आंतरिक असंतुलन’ है, जिसका सटीक समाधान भारत की प्राचीन योग पद्धतियों में निहित है।

अपने संबोधन में योग गुरु धीरज भगवान श्री कृष्ण के ‘शांति दूत’ स्वरूप और भगवद गीता के ‘समत्व योग’ के सिद्धांतों को वैश्विक पटल पर रखेंगे। अहमदाबाद से दिल्ली के इस मंच तक वे यह संदेश ले जाएंगे कि जब तक व्यक्ति के भीतर शांति नहीं होगी, तब तक विश्व में शांति की कल्पना करना असंभव है। वे उपनिषदों के ‘एकत्व’ और भारत की मूल अवधारणा ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ के माध्यम से आज के वैश्विक संकटों के समाधान पर चर्चा करेंगे।

विशेषज्ञों का मानना है कि अहमदाबाद के एक योग साधक का इस अंतरराष्ट्रीय स्तर के संवाद में शामिल होना, गुजरात की योग परंपरा को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह कार्यक्रम दोपहर 2 बजे से 4 बजे तक कॉलेज के कक्ष संख्या 321 में आयोजित किया जाएगा, जहाँ योग दर्शन के माध्यम से ‘शांति की संस्कृति’ को मजबूत करने की रणनीति तैयार की जाएगी।
