कान्हा की नगरी वृंदावन में शुक्रवार का दिन मातम में बदल गया। केशी घाट के पास यमुना नदी की लहरों में पर्यटकों से भरी एक नाव पलटने से बड़ा हादसा हो गया, जिसमें अब तक 10 श्रद्धालुओं की डूबने से मौत की पुष्टि हो चुकी है। पंजाब के लुधियाना से आए पर्यटकों का यह समूह बांके बिहारी मंदिर के दर्शन के बाद यमुना की सैर कर रहा था, तभी दोपहर करीब 2:45 बजे तेज हवाओं और पीपा पुल की जर्जर स्थिति के कारण नाव अनियंत्रित होकर पलट गई। राहत की बात यह रही कि गोताखोरों और स्थानीय प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए 22 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है, जिनका अस्पताल में उपचार जारी है।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि नाव पर क्षमता से अधिक लोग सवार थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तेज हवाओं के चलते नाविक का नियंत्रण खो गया और नाव नदी में बने पोंटून (पीपा) पुल से टकरा गई। पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) सुरेश चंद्र रावत ने बताया कि पुल की मरम्मत का कार्य चल रहा था और आशंका है कि इसी के चलते जलस्तर या प्रवाह में आए बदलाव ने हादसे को और विकराल बना दिया। घटनास्थल पर एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमें 50 स्थानीय गोताखोरों की मदद से अभी भी लापता लोगों की तलाश में जुटी हैं। जिला मजिस्ट्रेट चंद्र प्रकाश सिंह खुद मौके पर मौजूद रहकर सर्च ऑपरेशन की निगरानी कर रहे हैं।
इस हृदय विदारक घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गहरा दुख व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। वहीं, सीएम योगी ने तत्काल राहत कार्य तेज करने और मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। वृंदावन के घाटों पर इस हादसे के बाद सन्नाटा पसरा हुआ है और प्रशासन अब उन सुरक्षा चूक की जांच कर रहा है, जिसके कारण लुधियाना से आए इन खुशहाल परिवारों की तीर्थयात्रा एक कभी न भूलने वाले गम में तब्दील हो गई।
