प्रधानमंत्री Narendra Modi दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर इजरायल पहुंच गए, जहां तेल अवीव एयरपोर्ट पर उनका विशेष राजकीय सम्मान के साथ स्वागत किया गया। एयरपोर्ट पर स्वयं इजरायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu और उनकी पत्नी सारा नेतन्याहू मौजूद रहे। प्रोटोकॉल से हटकर की गई इस अगवानी ने दोनों देशों के रिश्तों की गर्मजोशी को दर्शाया।
आगमन पर प्रधानमंत्री मोदी को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। लगभग नौ वर्षों बाद उनकी यह इजरायल यात्रा हो रही है; इससे पहले वह 2017 में यहां आए थे। इस बार के दौरे को रणनीतिक और कूटनीतिक दृष्टि से अहम माना जा रहा है।

यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी इजरायल की संसद Knesset को संबोधित करेंगे। वह ऐसा करने वाले भारत के पहले प्रधानमंत्री बनेंगे। संसद में उनके संबोधन को लेकर वहां की सियासत भी गर्म है, हालांकि स्पीकर अमीर ओहाना ने स्पष्ट किया है कि कार्यक्रम तय समय पर होगा।
प्रधानमंत्री मोदी की मुलाकात इजरायल के राष्ट्रपति Isaac Herzog से भी प्रस्तावित है। शाम को प्रधानमंत्री नेतन्याहू के साथ द्विपक्षीय वार्ता और आधिकारिक रात्रिभोज का आयोजन किया जाएगा। बातचीत में रक्षा सहयोग, उन्नत तकनीक, कृषि नवाचार और साइबर सुरक्षा जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है।
अपने दौरे के दूसरे दिन प्रधानमंत्री मोदी यरुशलम स्थित Yad Vashem स्मारक पर जाकर यहूदी नरसंहार के पीड़ितों को श्रद्धांजलि देंगे। इसे प्रतीकात्मक रूप से ऐतिहासिक स्मृति और मानवीय मूल्यों के प्रति सम्मान के तौर पर देखा जा रहा है।
भारत और इजरायल के बीच 1992 में स्थापित राजनयिक संबंध समय के साथ रणनीतिक साझेदारी में बदल चुके हैं। रक्षा आपूर्ति, कृषि तकनीक, जल प्रबंधन और स्टार्टअप सहयोग के क्षेत्रों में दोनों देशों के रिश्ते लगातार मजबूत हुए हैं। इस यात्रा से इन संबंधों को और नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
