संगम की रेती पर आयोजित महाकुंभ से अपनी खूबसूरती और सादगी के दम पर रातों-रात ‘सोशल मीडिया सेंसेशन’ बनीं मोनालिसा भोंसले अब एक गंभीर कानूनी भंवर में फंस गई हैं। ‘महाकुंभ वायरल गर्ल’ के नाम से मशहूर मोनालिसा की मार्च 2026 में हुई शादी अब पुलिसिया जांच और पॉक्सो (POCSO) एक्ट के दायरे में आ गई है। जांच एजेंसियों ने दावा किया है कि विवाह के समय मोनालिसा नाबालिग थीं, जिसके बाद उनके पति फरमान खान के खिलाफ बाल विवाह और अपहरण सहित पॉक्सो एक्ट के तहत गंभीर मुकदमा दर्ज किया गया है।

इस हाई-प्रोफाइल मामले में नया मोड़ तब आया जब राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) की जांच में मोनालिसा की जन्मतिथि का खुलासा हुआ। दस्तावेजों के अनुसार, मोनालिसा का जन्म 30 दिसंबर 2009 को हुआ था, जिसका अर्थ है कि मार्च 2026 में केरल में हुई शादी के वक्त उनकी उम्र महज 16 साल के आसपास थी। कानूनन भारत में शादी के लिए लड़की की न्यूनतम आयु 18 वर्ष होना अनिवार्य है, ऐसे में इस विवाह को अमान्य और कानूनी अपराध की श्रेणी में रखा गया है। पुलिस को यह भी संदेह है कि केरल में विवाह पंजीकरण (Marriage Registration) के दौरान उम्र से जुड़े दस्तावेजों में हेरफेर किया गया था ताकि शादी को वैध दिखाया जा सके।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) भी अब इस मामले की बारीकी से पड़ताल कर रहा है। हालांकि, मोनालिसा ने पहले दिए अपने बयानों में यह दावा किया था कि उन्होंने अपनी मर्जी से फरमान खान के साथ घर बसाया है और वह उनके साथ ही रहना चाहती हैं। लेकिन अब कानूनी पेच और नाबालिग होने के पुख्ता सबूतों के बाद फरमान खान की मुश्किलें बढ़ गई हैं। जांच टीम अब उन लोगों की भी तलाश कर रही है जिन्होंने इस निकाह को संपन्न कराने और कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज तैयार करने में मदद की थी। ‘वायरल गर्ल’ की यह प्रेम कहानी अब अदालती चौखट पर पहुंच चुकी है, जहाँ उम्र का अंतर और कानूनी प्रावधान एक बड़े टकराव की ओर इशारा कर रहे हैं।
