fbpx
  Previous   Next
HomeNationISRO के पूर्व चीफ के सिवन मून मिशन कामयाब होने की खुशी...

ISRO के पूर्व चीफ के सिवन मून मिशन कामयाब होने की खुशी में क्या किया जानकर आप हैरान हो जाएंगे !

ISRO के पूर्व चीफ के सिवन ने चंद्रयान-3 के विक्रम लैंडर के चंद्रमा की सतह पर उतरने पर क्या किया जानकर आप हैरान रह जाएंगे.

भारत का चंद्रयान-3 लॉन्च होने के 41वें दिन चांद के साउथ पोल पर लैंडिंग कर चुका है. इसी के साथ भारत चंद्रमा के डार्क साइड पर उतरने वाला पहला देश बन गया. ISRO के पूर्व चीफ के सिवन लैंडिंग देखने के लिए बेंगलुरु के मिशन कंट्रोल कॉम्पलेक्स पहुंचे थे. लैंडर विक्रम ने जैसे ही चांद के साउथ पोल पर कदम रखा, के सिवन खुशी से उछल पड़े. उन्होंने इसरो की टीम बधाई दी. चंद्रयान-3 के सफल होने की खुशी इतनी थी कि सिवन लैंडिंग के बाद से घर नहीं गए हैं.

K Sivan 3

मीडिया से बातचीत करते हुए सिवन ने कहा, “आखिरकार हमारी प्रार्थनाएं सुनी गई. सपना सच हो गया. लैंडिंग की खुशी इतनी है कि कल से मैं घर नहीं गया हूं. जब तक रोवर लैंडर से बाहर नहीं आया तब तक मैं कंट्रोल रूम में बैठा था. चंद्रमा की सतह पर रोवर को घूमते देखने के बाद ही मैं वहां से निकला. मैं देर रात घर पहुंचा.”

ISROchief KSivan 750

इसरो के पूर्व अध्यक्ष के सिवन ने कहा, “मैंने चंद्रयान-2 की लैंडिंग के दिन और बुधवार की तुलना की, तो निश्चित रूप से, चंद्रमा पर जाने और दक्षिणी ध्रुव के पास उतरने का मेरा सपना कल सच हो गया. इसलिए, मैं बेहद खुश हूं कि कल यह सॉफ्ट लैंडिंग सफलतापूर्वक हुई. “चंद्रयान-2 में हुई एक छोटी सी गलती के कारण हम सफलता हासिल नहीं कर सके. वरना हम चार साल पहले ही ये सब कुछ हासिल कर सकते थे. अब हम बहुत खुश हैं कि हमने उस गलती से सीखा और इसे ठीक किया. 2019 में ही हमने चंद्रयान-3 को कॉन्फ़िगर किया और क्या सुधार करना है, यह भी 2019 में ही तय किया गया था. कल हमने उस मेहनत और कोशिश का नतीजा देखा.”

K Sivan ISRO 750 new

बता दें कि चंद्रयान-2 मिशन फेल होने के बाद तत्कालीन इसरो चीफ के सिवन फूट-फूटकर रोने लगे थे. उस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उन्हें गले लगा लिया था और उन्हें हिम्मद दी थी. सिवन के वो आंसू चांद जीतने की जिद बन गए और आज इसरो के वैज्ञानिकों ने चांद को मुट्ठी में कर ही लिया.

isro chief breaks down

चंद्रयान-2 के साथ क्या गलती हुई थी?
चंद्रमा पर किसी अंतरिक्ष यान को लैंड कराने के लिए चार प्रक्रियाएं अपनाई जाती हैं. जब चंद्रयान-2 की लैंडिंग हो रही थी तब लैंडर अपने रास्ते से टर्मिनल डिसेंट फेज से करीब तीन मिनट पहले भटक गया. लैंडर को 55 डिग्री के अक्षांश पर घूमना था, लेकिन यह 410 डिग्री से अधिक घूम गया और अंत में हार्ड लैंडिंग हुई. ये चंद्रमा की सतह से टकराकर टूट गया. चंद्रयान-3 के मामले में इस गलती को दुरुस्त किया गया. साथ ही वेग और दिशा को नियंत्रित करने के लिए लगाए गए इंजनों का टाइम के हिसाब से इस्तेमाल किया गया

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

More News

डीजल पर सरकार का ‘कड़ा’ प्रहार: ₹36 तक बढ़ गए चार्ज, जानें आम आदमी और तेल कंपनियों पर क्या होगा असर!

पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच भारत सरकार ने घरेलू बाजार में ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए...

आशा भोसले को आया हार्ट अटैक, ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती!

सुरों की मल्लिका और भारतीय संगीत जगत की अनमोल विरासत, आशा भोसले के प्रशंसकों के लिए रविवार की सुबह एक चिंताजनक खबर लेकर आई...

समंदर में तनाव और मेज पर ‘महा-मंथन’! ईरान ने अमेरिकी युद्धपोत को खदेड़ा, इस्लामाबाद बैठक में फंसा कूटनीतिक पेच!

दुनिया की सांसें रोक देने वाली अमेरिका-ईरान शांति वार्ता का पहला दौर शनिवार को इस्लामाबाद में संपन्न हुआ, लेकिन चार घंटे चले इस 'महा-मंथन'...

RELATED NEWS

वृंदावन में चीख-पुकार: केशी घाट पर नाव पलटने से बड़ा हादसा, यमुना की लहरों ने छीनी 10 जिंदगियां

कान्हा की नगरी वृंदावन में शुक्रवार का दिन मातम में बदल गया। केशी घाट के पास यमुना नदी की लहरों में पर्यटकों से भरी...

वोटिंग का ‘सुनामी’ अलर्ट: असम से केरलम तक टूटे पुराने रिकॉर्ड, अब 4 मई को खुलेगा सत्ता का असली पिटारा!

भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में एक और सुनहरा अध्याय जुड़ गया है। 9 अप्रैल 2026 को हुए विधानसभा चुनावों में असम, केरलम और केंद्र...

संसद में गूंजेगी ‘नारी शक्ति’ की हुंकार: बंगाल चुनाव से पहले पीएम मोदी का बड़ा दांव

पश्चिम बंगाल के चुनावी महासंग्राम के बीच केंद्र सरकार ने एक बड़ा राजनीतिक दांव चलते हुए 'नारी शक्ति' को केंद्र में ला खड़ा किया...