कनाडा सरकार ने 26/11 मुंबई आतंकी हमले से जुड़े आरोपी तहव्वुर राणा की नागरिकता की वैधता की समीक्षा की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब कनाडा के प्रधानमंत्री Mark Carney की प्रस्तावित भारत यात्रा को लेकर कूटनीतिक हलकों में हलचल तेज है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई सीधे तौर पर आतंकवाद के आरोपों से नहीं, बल्कि नागरिकता आवेदन के दौरान कथित रूप से दी गई गलत जानकारी के आधार पर की जा रही है। कनाडा के इमिग्रेशन, रिफ्यूजी एंड सिटिजनशिप विभाग ने मामले को संघीय अदालत में भेजने की तैयारी की है, जहां अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

तहव्वुर राणा पर 2008 के 2008 Mumbai attacks में साजिश से जुड़े गंभीर आरोप हैं। इस हमले में 166 लोगों की जान गई थी और यह भारत के इतिहास की सबसे भयावह आतंकी घटनाओं में गिना जाता है। जांच एजेंसियों के मुताबिक राणा का संबंध हमले के मुख्य साजिशकर्ताओं में शामिल David Coleman Headley से रहा है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, राणा ने वर्ष 2001 में कनाडाई नागरिकता प्राप्त की थी। अब अधिकारियों का दावा है कि नागरिकता आवेदन के दौरान उसने अपने निवास संबंधी तथ्यों को सही तरीके से प्रस्तुत नहीं किया। इसी आधार पर उसकी नागरिकता निरस्त करने की कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
कनाडा की फेडरल कोर्ट इस मामले में यह तय करेगी कि क्या नागरिकता कथित रूप से धोखाधड़ी या तथ्य छिपाने के आधार पर ली गई थी। राणा की ओर से वकीलों ने इस कदम को चुनौती दी है और इसे अधिकारों का उल्लंघन बताया है।
विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम भारत-कनाडा संबंधों के परिप्रेक्ष्य में महत्वपूर्ण संकेत दे सकता है। हालांकि आधिकारिक तौर पर इसे एक कानूनी प्रक्रिया बताया जा रहा है, लेकिन समय को देखते हुए इसे कूटनीतिक दृष्टि से भी अहम माना जा रहा है।
