बॉलीवुड के चर्चित कॉमेडियन और अभिनेता राजपाल यादव के लिए फरवरी का महीना कानूनी तौर पर भारी पड़ता दिख रहा है। लंबे समय से चल रहे चेक बाउंस मामले में उन्हें दिल्ली हाई कोर्ट से कोई राहत नहीं मिली है। अदालत ने साफ शब्दों में कहा है कि अब देरी की कोई गुंजाइश नहीं है और अभिनेता को ट्रायल कोर्ट के आदेश के अनुसार सरेंडर करना ही होगा।
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि आरोपी की ओर से पहले कई बार समय मांगा गया, लेकिन हर बार अदालत को दिए गए आश्वासन पूरे नहीं किए गए। न्यायालय ने कहा कि केवल भुगतान की बात कहना पर्याप्त नहीं है, जब तक उसे व्यवहारिक रूप से पूरा न किया जाए। इसी आधार पर अदालत ने राहत देने से इनकार कर दिया।

राजपाल यादव की तरफ से यह दलील दी गई थी कि वे बकाया राशि का बड़ा हिस्सा जुटा चुके हैं और यदि कुछ और समय दिया जाए तो पूरा भुगतान कर दिया जाएगा। हालांकि, अदालत इस तर्क से सहमत नहीं हुई और कहा कि कानून सभी के लिए समान है, चाहे व्यक्ति आम नागरिक हो या चर्चित फिल्म कलाकार।
इस फैसले के बाद राजपाल यादव के सामने विकल्प बेहद सीमित रह गए हैं। अब उन्हें तय प्रक्रिया के तहत जेल प्रशासन के समक्ष आत्मसमर्पण करना होगा। यह मामला फिल्म इंडस्ट्री में भी चर्चा का विषय बना हुआ है, क्योंकि राजपाल यादव लंबे समय से हास्य भूमिकाओं के जरिए दर्शकों का मनोरंजन करते आए हैं।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह आदेश एक संदेश भी है कि वित्तीय मामलों में अदालत के आदेशों को हल्के में नहीं लिया जा सकता। आने वाले दिनों में इस केस की आगे की कार्रवाई पर सबकी नजर बनी रहेगी।
