मध्य पूर्व में बढ़ते सैन्य टकराव के बीच प्रधानमंत्री Narendra Modi ने राष्ट्रीय राजधानी New Delhi में कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी की आपात बैठक बुलाने का फैसला किया है। यह बैठक इजरायल, अमेरिका और ईरान के बीच तेज होते संघर्ष और उसके क्षेत्रीय प्रभावों की समीक्षा के लिए आयोजित की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री अपने निर्धारित दो दिवसीय दौरे से लौटने के बाद सीधे सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करेंगे। बैठक में खाड़ी क्षेत्र के हालात, क्षेत्रीय एयरस्पेस बंद होने से उत्पन्न स्थिति और वहां फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा प्रमुख एजेंडा रहेगा।

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक ईरान में लगभग 10 हजार भारतीय नागरिक मौजूद हैं, जिनमें बड़ी संख्या में छात्र शामिल हैं। वहीं पूरे मध्य पूर्व क्षेत्र में करीब 96 लाख भारतीय प्रवासी रहते हैं। हालिया घटनाओं के कारण कई देशों ने एहतियातन अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया है, जिससे हजारों भारतीय अलग-अलग शहरों में फंसे हुए हैं।
इस बीच, भारत ने क्षेत्रीय हालात को लेकर गंभीर चिंता जताई है। विदेश मंत्रालय ने सभी पक्षों से संयम बरतने और संप्रभुता का सम्मान करने की अपील की है। विदेश मंत्री S. Jaishankar ने ईरान के विदेश मंत्री Seyed Abbas Araghchi और इजरायल के विदेश मंत्री Gideon Sa’ar से अलग-अलग बातचीत कर भारत की चिंता से अवगत कराया।

ज्ञात हो कि हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी ने इजरायल की यात्रा के दौरान वहां की संसद को संबोधित किया था और दोनों देशों के बीच कई रणनीतिक समझौतों पर हस्ताक्षर हुए थे। हालांकि वर्तमान संकट के बीच भारत ने संतुलित कूटनीतिक रुख अपनाते हुए शांति और संवाद पर जोर दिया है।
सरकार ने भारतीय नागरिकों के लिए नई एडवायजरी जारी की है और दूतावासों को चौबीसों घंटे हेल्पलाइन संचालित करने के निर्देश दिए हैं। जरूरत पड़ने पर निकासी अभियान शुरू करने की भी तैयारी की जा रही है।
विश्लेषकों का मानना है कि यह बैठक भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा, ऊर्जा आपूर्ति और प्रवासी भारतीयों की सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम है। आने वाले दिनों में भारत की कूटनीतिक सक्रियता और बढ़ सकती है।
