पश्चिम एशिया में जारी सैन्य तनाव और हमलों के बीच भारत ने कूटनीतिक सक्रियता बढ़ा दी है। प्रधानमंत्री Narendra Modi ने तीन मार्च को खाड़ी क्षेत्र के प्रमुख नेताओं से फोन पर बातचीत कर हालात पर चिंता जताई और भारतीय समुदाय की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया।
प्रधानमंत्री ने Haitham bin Tariq और Sheikh Sabah Al-Khalid Al-Hamad Al-Sabah से अलग-अलग वार्ता की। बातचीत के दौरान हालिया हमलों और क्षेत्रीय अस्थिरता पर विस्तार से चर्चा हुई। पीएम मोदी ने दोनों देशों में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा, उनके कल्याण और आवश्यक सहायता को लेकर भारत की प्रतिबद्धता दोहराई।

इससे एक दिन पहले प्रधानमंत्री ने Hamad bin Isa Al Khalifa और Mohammed bin Salman से भी संवाद किया था। उन्होंने खाड़ी देशों पर हो रहे हमलों की कड़ी निंदा की और क्षेत्र में शांति बहाली की अपील की। रविवार को पीएम मोदी ने Mohamed bin Zayed Al Nahyan से भी फोन पर बात कर मौजूदा हालात पर चर्चा की थी।
मौजूदा संघर्ष ऐसे समय में गहराया है जब ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच बढ़ती सैन्य कार्रवाई का असर पूरे क्षेत्र पर दिखाई दे रहा है। खाड़ी देशों में सुरक्षा हालात को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ी है।

प्रधानमंत्री मोदी ने दोहराया कि भारत किसी भी विवाद के समाधान के लिए संवाद और कूटनीति को ही सबसे प्रभावी रास्ता मानता है। उन्होंने कहा कि भारत शांति, स्थिरता और क्षेत्रीय संतुलन के पक्ष में है और सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील करता है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, विदेश मंत्रालय और संबंधित एजेंसियां लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। खाड़ी क्षेत्र में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और जरूरत पड़ने पर उनकी सुरक्षित वापसी के लिए आपात योजनाएं तैयार रखी गई हैं।
भारत के लिए पश्चिम एशिया रणनीतिक और आर्थिक दृष्टि से बेहद अहम है। यहां बड़ी संख्या में भारतीय कामगार और पेशेवर कार्यरत हैं, साथ ही ऊर्जा आपूर्ति का बड़ा हिस्सा भी इसी क्षेत्र से आता है। ऐसे में सरकार की यह सक्रिय कूटनीतिक पहल व्यापक राष्ट्रीय हितों से जुड़ी मानी जा रही है।
