भारत की विकास यात्रा में महिलाओं को नेतृत्वकारी भूमिका में लाने के संकल्प के साथ आज राजधानी दिल्ली का विज्ञान भवन एक ऐतिहासिक गौरव का गवाह बनने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज सुबह 11 बजे ‘नारी शक्ति वंदन सम्मेलन’ के माध्यम से देश की आधी आबादी के साथ सीधा संवाद करेंगे। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा आयोजित यह भव्य कार्यक्रम केवल एक औपचारिक सम्मेलन नहीं है, बल्कि ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के माध्यम से देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था में आने वाले युगांतकारी बदलाव की एक प्रस्तावना है।

इस महा-मंथन की सबसे खास बात यह है कि इसमें केवल राजनीतिक हस्तियां ही शामिल नहीं होंगी, बल्कि खेल, विज्ञान, कला, उद्यमिता, सेना और सामाजिक क्षेत्र में झंडा गाड़ने वाली देश की प्रमुख महिला प्रतिभाएं एक छत के नीचे मौजूद रहेंगी। यह सम्मेलन जमीनी स्तर यानी पंचायतों से लेकर देश की सबसे बड़ी पंचायत ‘संसद’ तक महिलाओं की सशक्त भागीदारी को रेखांकित करेगा। प्रधानमंत्री इस दौरान ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के कार्यान्वयन की रूपरेखा और 2029 के चुनावों में इसके प्रभाव को लेकर सरकार की दूरगामी सोच साझा कर सकते हैं।
गौरतलब है कि यह आयोजन 16 अप्रैल से शुरू होने वाले संसद के विशेष सत्र से ठीक पहले हो रहा है। ऐसे में प्रधानमंत्री का यह संबोधन उन करोड़ों महिलाओं के लिए एक बड़ा संदेश होगा जो राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका का इंतजार कर रही हैं। सम्मेलन में उन ‘इन्फ्लुएंसर्स’ और रोल मॉडल्स को भी आमंत्रित किया गया है जो ग्रामीण और शहरी भारत के बीच सेतु का काम कर रही हैं। प्रधानमंत्री मोदी का यह विजन स्पष्ट करता है कि अब महिलाएं केवल विकास की लाभार्थी नहीं, बल्कि भारत को ‘विकसित भारत’ बनाने की प्रमुख सूत्रधार बनेंगी।
