ऑस्कर विजेता संगीतकार एआर रहमान एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार वजह उनका संगीत नहीं बल्कि हालिया बयान और उस पर उठी प्रतिक्रिया है। बीते दिनों दिए गए एक इंटरव्यू में काम को लेकर की गई टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया और फिल्म इंडस्ट्री में लगातार बहस छिड़ी हुई थी। अब एआर रहमान ने खुद सामने आकर इस पूरे मामले पर अपनी बात रखी है और कहा है कि उनके शब्दों को संदर्भ से अलग करके देखा गया।
रहमान ने एक वीडियो संदेश के जरिए स्पष्ट किया कि उनका इशारा किसी समुदाय, व्यक्ति या संस्था की ओर नहीं था। उन्होंने कहा कि उनका जीवन हमेशा संगीत, संस्कृति और लोगों को जोड़ने के विचार के इर्द-गिर्द रहा है। उनका मानना है कि कलाकार का सफर उतार-चढ़ाव से भरा होता है और हर दौर को समझदारी के साथ देखना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि उनके लिए देश, उसकी विविधता और कला हमेशा सर्वोपरि रही है।

इस सफाई के बाद भी इंडस्ट्री में इस मुद्दे पर चर्चा जारी है। कुछ कलाकारों ने इसे अभिव्यक्ति की आज़ादी से जोड़कर देखा, तो कुछ ने इसे गलतफहमी का नतीजा बताया। वहीं, कई प्रशंसकों का कहना है कि एआर रहमान का योगदान इतना बड़ा है कि उनके इरादों पर सवाल उठाना उचित नहीं है।
करीब तीन दशक लंबे करियर में एआर रहमान ने भारतीय संगीत को वैश्विक पहचान दिलाई है। ऐसे में यह विवाद उनके सफर का एक छोटा सा पड़ाव माना जा रहा है। रहमान ने अपने संदेश में यही अपील की कि संगीत को जोड़ने वाली ताकत के रूप में देखा जाए, न कि विभाजन के कारण के रूप में।
