अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की एक ताजा सोशल मीडिया पोस्ट ने अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और वैश्विक राजनीति में एक नया भूचाल ला दिया है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ईरान के नक्शे पर अमेरिकी झंडे वाली एक बेहद विवादित और रहस्यमयी तस्वीर शेयर की है। इस तस्वीर के ऊपर बड़े अक्षरों में ‘United States of Middle East’ (यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ मिडिल ईस्ट) लिखा हुआ था। ट्रंप ने इस तस्वीर के साथ कोई लंबा-चौड़ा बयान या कैप्शन तो नहीं लिखा, लेकिन इस एक अकेले फोटो ने ही मिडिल ईस्ट (पश्चिम एशिया) में जारी भारी तनाव के बीच अटकलों और नई बहस का बाजार गर्म कर दिया है।

क्या अमेरिका करने वाला है ईरान पर सैन्य हमला?
अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स में इस पोस्ट के बाद कई गंभीर दावे किए जा रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि मौजूदा बातचीत और कूटनीतिक प्रयास सफल नहीं हुए, तो अमेरिका आगामी दिनों में ईरान पर नए और बड़े सैन्य हमले कर सकता है। ट्रंप की इस रहस्यमयी पोस्ट को इसी सैन्य रणनीति और ईरान पर मानसिक दबाव बनाने के हिस्से के रूप में देखा जा रहा है। इंटरनेट यूजर्स और राजनीतिक पंडित इस तस्वीर के अलग-अलग मायने निकाल रहे हैं। इसी बीच, क्षेत्र में जारी तनाव को कम करने और शांति व्यवस्था बनाने की कोशिशों के तहत पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने भी ईरान का दौरा किया है, जहां उन्होंने तेहरान में ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान और अन्य वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की।
ईरान का तीखा पलटवार: ‘हवाई किले न बनाएं ट्रंप’
अमेरिकी राष्ट्रपति की इस उकसावे वाली पोस्ट पर ईरान ने भी बेहद सख्त और तंजिया लहजे में प्रतिक्रिया दी है। फिनलैंड में तैनात ईरानी राजदूत ने सोशल मीडिया के माध्यम से राष्ट्रपति ट्रंप को करारा जवाब देते हुए लिखा, “एक दिन डोनाल्ड ट्रंप को लगता है कि वेनेजुएला अमेरिका का 51वां राज्य बनने वाला है, और दूसरे दिन वो ग्रीनलैंड का इस तरह स्वागत करते हैं मानो वह उनका 52वां राज्य बनने जा रहा हो।”
ईरानी राजदूत ने आगे तीखा कटाक्ष करते हुए कहा कि अमेरिका को नए राज्यों को जोड़ने के काल्पनिक हवाई किले बनाने और अपनी ही धुन में खोए रहने की बजाय इस बात की अधिक चिंता करनी चाहिए कि कहीं वे अपने मौजूदा 50 राज्यों को भी न खो बैठें। इस वाकयुद्ध के बाद क्षेत्र में सैन्य और राजनीतिक सरगर्मियां काफी तेज हो गई हैं।
