fbpx
  Previous   Next
HomePoliticsबिहार चुनाव परिणाम में कोंग्रेस की लगातार एतिहासिक पतन के पीछे का...

बिहार चुनाव परिणाम में कोंग्रेस की लगातार एतिहासिक पतन के पीछे का A to Z कारण !

बिहार चुनाव के नतीजे जनता के सामने आ गए हैं. एक समय से देश की सबसे बड़ी पार्टी कांग्रेस का यहां करीब-करीब पतन हो गया है. आइये जानें साल 1952 से 2025 तक बिहार में कांग्रेस कैसे खत्म हुई?

बिहार चुनाव 2025 में सीएम नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार के लिए संभवतः सबसे सशक्त और सबसे बड़ा जनादेश है. वहीं राजद और कांग्रेस के नेतृत्व वाले महागठबंधन की सबसे करारी हार में से एक है.बिहार चुनाव के नतीजों में मतदाताओं ने त्रिशंकु विधानसभा की किसी भी संभावना को खारिज कर दिया है. मुट्ठी भर राजनीतिक पर्यवेक्षकों ने नीतीश सरकार के खिलाफ 20 साल की सत्ता विरोधी लहर का अनुमान लगाया था. बिहार की जनता ने जोरदार तरीके से और पर्याप्त स्पष्टता के साथ मतदान किया है और एक बार फिर से एनडीए के हाथों में सत्ता की बागडोर दे दी.

image 74

3 डिजिट वाली कांग्रेस सिंगल डिजिट में सिमटी
अगर आजादी के बाद के चुनावी आंकड़ों पर गौर करें तो 1952 के चुनाव में 239 सीटें हासिल करने वाली सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस इस चुनाव में सिंगल डिजिट में सिमट गई है. 1952 के चुनाव में कांग्रेस को 41.38 प्रतिशत वोट मिले थे, लेकिन आज यह 10 प्रतिशत से नीचे गिर गया है. 2020 के चुनावों में उसे सिर्फ 9 प्रतिशत मत प्राप्त हुए थे. अब साल 2025 में कांग्रेस को 8 फीसदी से थोड़े ऊपर वोट मिले हैं. आइये जानें 1952 से लेकर 2025 तक कांग्रेस के पतन की क्या टाइमलाइन रही है.

image 75


पहली बार कब गिरे वोट
कांग्रेस के वोटों में गिरावट 1980 के दशक में शुरू हुई, जब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) आई. बिहार में लालू यादव युग के आगमन के साथ कांग्रेस का वोटिंग प्रतिशत और गिरता चला गया. 1990 के चुनाव में लालू यादव के नेतृत्व वाली जनता दल (जेडी) के हाथों कांग्रेस को करारा झटका लगा और वह पहली बार दूसरे स्थान पर खिसक गई. जेडी को 25.61 प्रतिशत वोट मिले, जबकि कांग्रेस 24.78 प्रतिशत वोट पर ही सिमट गई.

image 76

दूसरी बार 11 फीसदी में सिमटी
दूसरी भारी गिरावट नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली जेडी(यू) के उदय के साथ आई. 2000 में कांग्रेस का वोट शेयर घटकर मात्र 11 प्रतिशत और 23 सीटें रह गई, जबकि उसके बाद 2005 के विधानसभा चुनाव में जब नीतीश कुमार मुख्यमंत्री बने तो इस पुरानी पार्टी का प्रदर्शन और भी खराब हो गया, और उसे केवल 5 प्रतिशत वोट और 10 सीटें ही मिलीं. 2010 का चुनाव और भी बुरा रहा, क्योंकि कांग्रेस को सिर्फ 4 सीटें (8 प्रतिशत वोट शेयर) ही मिली थीं

image 77

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

More News

भारतीय गेंदबाजों के सामने दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाजों ने किया आत्मसमर्पण. अफ्रीकी टीम पहली बार 74 रनों पर ऑल-आउट, सीरीज में 1-0 की बढ़त बना...

भारत के खिलाफ 5 मैंचों के टी20 सीरीज के पहले मैंच ने भारतीय टीम ने दमदार प्रदर्शन करते हुए उनका टी20 अंतरराष्ट्रीय में यह...

DGCA ने इंडिगो CEO को भेजा शोकॉज नोटिस, 24 घंटे में जवाब नहीं देने पर होगी कार्रवाई!

भारत के विमानन नियामक यानि DGCA ने हाल ही में इंडिगो एयरलाइन में आए बड़े परिचालन संकट को लेकर उसके मुख्य कार्यकारी अधिकारी को...

आखरी वनडे में यशस्वी जायसवाल की पहली वनडे सेंचुरी! टीम मैनेजमेंट की टेंशन में बढोत्तरी…

विशाखापत्तनम में सीरीज़ जीत की नींव कुलदीप यादव और प्रसिद्ध कृष्णा ने रखी तो रोहित शर्मा और यशस्वी जायसवाल टीम को जीत की दहलीज़...

RELATED NEWS

बांग्लादेश के पूर्व पीएम शेख हसीना पर आरोप तय होने के बाद मौत की सजा सुनाई गई है जिसके बाद क्या है भारत का...

शेख हसीना और दो अन्य, पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमां खान कमाल और पूर्व पुलिस महानिरीक्षक चौधरी अब्दुल्ला अल-मामून पर मानवता के विरुद्ध अपराधों का...

बिहार में 20 नवंबर को हो सकता है शपथ ग्रहण समारोह, पीएम आवास पर मोदी ने शाह और नड्डा के साथ की अहम बैठक.

बिहार चुनाव में प्रचंड जीत के बाद अब NDA के घटक दलों में राज्य की नई सरकार बनाने को लेकर मंथन का दौर जारी...

‘आज तेजस्वी फेलस्वी हो गए’, नतीजों पर बोले तेज प्रताप, मोदी-नीतीश की जमकर की तारीफ

बिहार विधानसभा चुनाव की तस्वीर लगभग साफ हो चुकी है. एनडीए ने बड़े मार्जिन से जीत दर्ज की है. वहीं तेजस्वी के नेतृत्व में...