भारतीय वायु सेना की रणनीतिक रूप से अहम पूर्वी वायु कमान को नया नेतृत्व मिल गया है। एयर मार्शल इंदरपाल सिंह वालिया ने शिलांग में ईस्टर्न एयर कमांड के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ के रूप में औपचारिक रूप से कार्यभार संभाल लिया है। उनके सामने देश की पूर्वी और उत्तर-पूर्वी सीमाओं की हवाई सुरक्षा, परिचालन तैयारियों और क्षेत्रीय स्थिरता को बनाए रखने की बड़ी जिम्मेदारी है। यह क्षेत्र चीन और म्यांमार से लगी सीमाओं के कारण सैन्य दृष्टि से बेहद संवेदनशील माना जाता है।
पदभार ग्रहण समारोह के दौरान वायु सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने उन्हें शुभकामनाएं दीं और उनके अनुभव को इस कमान के लिए अहम बताया। एयर मार्शल वालिया ने कार्यभार संभालने के बाद कहा कि उनकी प्राथमिकता परिचालन क्षमता को और मजबूत करना, तकनीक के बेहतर इस्तेमाल को बढ़ावा देना और जवानों की प्रशिक्षण व्यवस्था को भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप ढालना होगा।

तीन दशक से अधिक लंबे करियर में वालिया ने लड़ाकू अभियानों, प्रशिक्षण और कूटनीतिक जिम्मेदारियों का संतुलित अनुभव हासिल किया है। उन्होंने कई अहम स्क्वाड्रनों और एयर बेस पर नेतृत्व की भूमिका निभाई है, जिससे उन्हें ग्राउंड लेवल ऑपरेशंस की गहरी समझ मिली है। रक्षा मामलों के जानकारों का मानना है कि उनका अंतरराष्ट्रीय अनुभव पूर्वी कमान को क्षेत्रीय सहयोग और रणनीतिक संवाद के लिहाज से भी नई दिशा दे सकता है।
पूर्वी वायु कमान की जिम्मेदारी ऐसे समय में मिली है, जब आधुनिक युद्ध तकनीक, ड्रोन और नेटवर्क-सेंट्रिक ऑपरेशंस का महत्व तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में एयर मार्शल वालिया का नेतृत्व न केवल पारंपरिक हवाई शक्ति को मजबूत करेगा, बल्कि भविष्य की हवाई रणनीति को भी आकार देगा।
